वार्ता और आतंकवाद साथ नहीं चल सकते : शरद यादव
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के हाल के दिनों में हुए विदेश दौरों पर लोकसभा में हुई बहस में हिस्सा लेते हुए यादव ने कहा, "मुंबई हमले के बाद आपने ही तय किया था कि तब तक वार्ता नहीं करेंगे जब तक पाकिस्तान अपनी सरजमीं से आतंकवादी गतिविधियों को नहीं रोकता। सरकार ने ही यह संकल्प लिया, लेकिन वह उस पर नहीं चली। शर्म अल-शेख में क्या हुआ। आपने तय कर लिया कि आतंकवाद और वार्ता साथ-साथ चलेगी।"
उन्होंने कहा, "इस मसले को लेकर आप भी दुविधा में है। आपको भी लगता है कि यह सही कदम नहीं है। इस मामले में सरकार और कांग्रेस संगठन में भी तालमेल नहीं है।"
उन्होंने कहा, "पिछले 62 वर्षो से हमारी विदेश नीति आम सहमति से चल रही है। लेकिन अब यह आम सहमति खंडित हो रही है। ऐसा होता है तो तकलीफ होती है। विदेश नीति से जुड़े मसलों पर आम सहमति होना चाहिए।"
यादव ने कहा, "अतीत का जिक्र करके सरकार कब तक अपने गुनाहों को छुपाती रहेगी। कोई न कोई गलती हुई है हमसे। अतीत में हमसे हुई कुछ गलतियों के कारण ही आज हम विपक्ष में बैठे हैं। "
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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