अंतिम उपयोग निगरानी समझौते में संप्रभुता से समझौता नहीं : प्रधानमंत्री
सरकार के हाल के विदेश नीति संबंधी कदमों पर लोकसभा में एक बहस का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "आप आश्वस्त रह सकते हैं कि देश के हितों और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए हमारी सरकार सभी सावधानी बरतेगी।"
उन्होंने कहा कि रक्षा सामग्रियों के 'जेनेरिक' संस्करण के संबंध में एकतरफा निरीक्षण का प्रावधान नहीं है।
मनमोहन सिंह ने कहा कि किसी भी निरीक्षण को संयुक्त रूप से करने का भारत के पास संप्रभु अधिकार है।
उन्होंने कहा कि कोई भी जांच एक आग्रह के आधार पर संपन्न होगी, जिसकी तिथि और स्थान आपसी सहमति से निर्धारित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की सेनाओं को सभी प्रकार की प्रौद्योगिकी हासिल करने की आवश्यकता है इसलिए रक्षा उपकरणों के स्रोतों में विविधता आवश्यक है।
अमेरिका ने अंतिम उपयोग निगरानी समझौते पर इसलिए जोर दिया था क्योंकि किसी अन्य देश को हथियार बेचने के लिए अमेरिकी कानून के अनुसार यह समझौता होना आवश्यक है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications