अब घर खरीदना हुआ और सस्ता

केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने आर्थिक मंदी से उबरने के प्रयासों के तहत सोमवार को हाउसिंग, डेयरी उत्पाद, तेल-गैस और शिक्षा के क्षेत्र में कई रियायतों की घोषणा की है। इसके लिए उन्होंने एक हजार करोड़ रुपये के मौजूदा बजट में अतिरिक्त प्रावधान किए जाने का संशोधन भी पेश किया।
एजुकेशन लोन का दायरा बढ़ा
शिक्षा के प्रोत्साहन के लिए एजुकेशन लोन के लाभ का दायरा बढ़ाते हुए वित्त मंत्री ने अब छात्रों के कानूनी अभिभावकों को भी इसमें शामिल कर लिया है । अब तक इसका फायदा व्यक्तिगत तौर पर या फिर पति-पत्नी या बच्चों तक ही सीमित था। मुखर्जी ने मिल्क, पोल्ट्री और मीट प्रॉडक्ट्स की प्रोसेसिंग और प्रिजरवेशन को बढ़ावा देते हुए अब इन्हें भी टैक्स हॉलिडे का लाभ देने की घोषणा की। अब तक यह लाभ सिर्फ फलों और सब्जियों तक सीमित था।
विकलांग और गंभीर विकलांगता से प्रभावित लोगों को इनकम टैक्स में राहत देते हुए उनकी मानक कटौती 75 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है।
बिल्डरों को भी राहत
वित्त मंत्री ने बिल्डरों को भी राहत दी है। उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल 2007 से 31 मार्च 2008 के बीच स्थानीय प्राधिकरण से मंजूरी हासिल कर चुके हाउसिंग प्रोजेक्ट जो 31 मार्च 2012 तक पूरे कर लिए जाएंगे, उनसे होने वाले मुनाफे पर बिल्डरों को कोई आयकर नहीं देना होगा। मुखर्जी ने इसके लिए आयकर कानून में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने बिल्डरों से इसका फायदा घर खरीदने वालों तक पहुंचाने की अपील की।


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