मेट्रो परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी : श्रीधरन (लीड-2)

नई दिल्ली, 28 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली मेट्रो के प्रमुख ई.श्रीधरन ने मंगलवार को कहा है कि इस महीने एक बड़े हादसे और कई खंभों में दरारें पाए जाने के बावजूद सभी मेट्रो परियोजनाएं अगले वर्ष होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों से पहले पूरी कर ली जाएंगी और अब निर्माण के पहले सभी डिजाइनों की दोहरी जांच की जाएगी।

श्रीधरन ने इस बात के भी संकेत दिए कि निर्माण कंपनी गैमन इंडिया को काली सूची में डाले से छूट मिल सकती है क्योंकि परियोजनाएं समय पर पूरी करना बहुत जरूरी है। मेट्रो ने 12 जुलाई के हादसे के मद्देनजर पहले ही दो कंपनियों को काली सूची में डाल दिया है।

राजधानी में श्रीधरन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "गैमन इंडिया मेट्रो फेज दो के पांच प्रमुख प्रोजेक्ट में शामिल है। अगर इसे काली सूची में डाला जाता है तो प्रोजेक्ट में छह से आठ महीने की देरी हो सकती है। "

श्रीधरन ने कहा, "दुर्भाग्य से हमारे बीच बड़ी कंपनियां नहीं है, ऐसे में हमें गैमन इंडिया की जरूरत है। लेकिन हम उसे कारण बताओ नोटिस भेजेंगे जिसमें पूछा जाएगा क्योंकि नहीं उसे दो साल के लिए काली सूची में डाल दिया जाए। गैमन को जवाब देने के लिए 21 दिन का समय दिया जाएगा और जवाब मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।"

श्रीधनर ने कहा, "दुर्घटना और खंभों में दरारों के कारण दिल्ली मेट्रो परियोजनाओं को पूरा करने में विलंब नहीं होगा। हम वर्ष 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों से पहले सभी सेक्शनों पर कार्य पूरा करने में सफल होंगे।"

मेट्रो प्रमुख ने कहा कि भविष्य में किसी भी ऐसी दुर्घटना से बचने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) ने भविष्य में सभी डिजाइनों की दोहरी जांच का फैसला किया है। इसके तहत किसी स्वतंत्र डिजाइन कार्यालय से डिजाइन की जांच कराई जाएगी।

उन्होंने कहा, "डीएमआरसी ने किसी भी डिजाइन के आने पर संपूर्ण रूप से अपने डिजाइन कार्यालय पर निर्भर नहीं रहने का निर्णय लिया है। सामान्य सलाहकार या एक स्वतंत्र डिजाइन कार्यालय इसकी जांच करेगा और तब वह डीएमआरसी के डिजाइन कार्यालय को भेजा जाएगा। इससे डिजाइन की दोहरी जांच होगी।"

डीएमआरसी ने सभी कर्मचारियों की सुरक्षा के उपाय बढ़ाने की कवायद भी आरंभ की है और सुरक्षा नियमों की जानकारी देने के लिए निर्माण स्थलों पर तीन दिन का संक्षिप्त पाठ्यक्रम आरंभ किया है। अगले 15 दिनों के भीतर सभी कर्मचारियों को इस कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि डिजाइन सलाहकार 'आर्क कंसल्टेंसी सर्विसिज' को पांच वर्ष के लिए काली सूची में डाल दिया गया है, वहीं डीएमआरसी को सही सलाह नहीं देने के लिए स्ट्रक्च रल कंसल्टेंट 'टंडन कंसल्टेंट' को दो वर्ष के लिए प्रतिबंधित किया जा रहा है।

यह निर्णय डीएमआरसी द्वारा नियुक्त एक जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है।

डीएमआरसी के निदेशक विजय आनंद जिनके कार्यक्षेत्र में यह दुर्घटना हुई और इससे पहले भी एक दुर्घटना हुई थी, को वापस रेलवे में भेज दिया गया।

कार्यस्थल की डिजाइन और निरीक्षण के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार दो उप मुख्य इंजीनियरों वी.पी.श्रीवास्तव और मुकेश ठाकुर को निलंबित कर दिया गया है।

डीएमआरसी के मुख्य डिजाइन इंजीनियर राजन कटारिया को बड़े दंड के लिए आरोप पत्र जारी किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि 12 जुलाई को जमरूदपुर मेट्रो निर्माण स्थल पर हुए हादसे में एक इंजीनियर सहित छह कर्मचारियों की मौत हुई थी।

इससे पहले दिल्ली के जमरूदपुर मेट्रो रेल निर्माण स्थल पर हुई दुर्घटना की जांच करने वाली समिति के डिजाइन और उपयोग की सामग्री में गड़बड़ी पाने के बाद मंगलवार को शहरी विकास मंत्री एस.जयपाल रेड्डी ने संसद को सूचित किया कि निर्माण कंपनी गैमन इंडिया दो वर्ष के लिए काली सूची में डाली जा सकती है।

रेड्डी ने कहा कि आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर ए.के.नागपाल की अध्यक्षता में दुर्घटना की जांच के लिए नियुक्त समिति ने कैंटिलीवर आर्म की डिजाइन में गंभीर कमियां पाईं और यह भी पाया कि निर्माण में प्रयोग कंक्रीट पर्याप्त मजबूत नहीं था।

रेड्डी ने लोकसभा में बताया कि दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) ने डिजाइन परामर्शदाता को काली सूची में डालने के साथ ही कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है।

हादसे से सबक लेते हुए भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए मेट्रो ने 10 कदम उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि कांट्रैक्टर गैमन इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी करके यह पूछा जाएगा कि क्यों न उसे दो वर्ष के लिए काली सूची में डाल दिया जाए।

गैमन इंडिया केंद्रीय सचिवालय-बदरपुर मेट्रो लाइन का निर्माण कर रही थी, जिस पर दुर्घटना हुई थी। गैमन द्वारा बनाई जा रही यमुना बैंक-नोएडा मेट्रो लाइन के खंभों में भी दरारें मिली हैं।

उल्लेखनीय है कि 12 जुलाई को जमरूदपुर मेट्रो निर्माण स्थल पर हुए हादसे में एक इंजीनियर सहित छह कर्मचारियों की मौत हुई थी।

डीएमआरसी के अनुसार पिछले एक दशक से मेट्रो निर्माण के दौरान अब तक विभिन्न हादसों में 90 लोगों की मौत हो चुकी है।

इससे पहले महालेखा और नियंत्रक परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में भी मेट्रो के निर्माण में गुणवत्ता के खराब प्रबंधन के लिए डीएमआसी की खिंचाई की थी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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