पुस्तक में मुहम्मद साहब की तस्वीर पर सरकार को नोटिस

मुहम्मद साहब का काल्पनिक चित्र प्रकाशित करने के बाद इस्लामिक विद्वानों, उलेमाओं और मौलानाओं के विरोध के बाद राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने यह कदम उठाया है।

उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष एस.एम.ए. काजमी ने मंगलवार को आईएएनएस को बताया कि हमने राज्य के उच्च शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा कि कैसे मुहम्मद साहब के चित्र छपी किताब बी.एड. के पाठ्यक्रम में शामिल की गई।

लखीमपुर खीरी के गोविंद प्रकाशन की ओर से प्रकाशित बी.एड. की इस विवादित पुस्तक 'उदीयमान भारतीय समाज में शिक्षक' के लेखक सेवानिवृत्त प्रोफेसर कर्ण सिंह बता, जा रहे हैं।

इससे पहले सोमवार शाम को लखनऊ स्थित इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया में सुन्नी धर्म गुरू मौलाना खालिद रशीद फिरंग महली और ऑल इंडिया शिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना अख्तर सहित कई इस्लामिक विद्वानों और धर्मगुरूओं की बैठक बुलाई गई थी।

मौलाना खालिद रशीद फिरंग महली ने कहा कि किसी पुस्तक में पैगम्बर-ए-इस्लाम की तस्वीर प्रकाशित करना पूरी तरह से इस्लाम के सिद्धातों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि दुनिया में किसी के पास पैगम्बर-ए-इस्लाम की तस्वीर नहीं है। उन्होंने कहा कि पुस्तक को बाजार में आने से पहले उसमें से पैगम्बर-ए-इस्लाम मुहम्मद साहब का चित्र हटना चाहिए था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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