राहुल ने प्रधानमंत्री से बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण के गठन की मांग की (लीड-1)
बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने संवाददाताओं से कहा, "राहुल गांधी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायकों और नेताओं ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की। हमने बुंदेलखंड के लिए एक अलग विकास प्राधिकरण के गठन की मांग की।"
सिंह ने बताया कि गांधी ने क्षेत्र के विकास के लिए दी जाने वाली सारी राशियों को इसी प्राधिकरण के माध्यम से उपयोग किए जाने की भी मांग की, जिससे इलाके से गरीबी शीघ्र समाप्त की जा सके। ये कदम इलाके में गरीबी, अशिक्षा और अल्पविकास से खराब होती स्थिति को रोकने के लिए आवश्यक हैं।
राहुल गांधी ने पिछले वर्ष बुंदेलखंड इलाके का दौरा किया था और वहां की स्थिति को विनाश के कगार पर बताया था। बुंदेलखंड की खराब हालत के लिए मायावती सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्होंने कहा था कि लोगों की भलाई में स्थानीय प्रशासन की विफलता से लोग इलाके से पलायन करने को मजबूर हैं।
प्रतिनिधिमंडल में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी, केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन और अन्य कांग्रेसी नेता शामिल थे।
इस बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने बुंदेलखंड के मसले पर राहुल की प्रधानमंत्री के साथ हुई इस मुलकात को राजनीतिक नाटक करार दिया है।
बसपा संसदीय दल के महासचिव विजय बहादुर सिंह ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "यह राहुल गांधी का राजनीतिक नाटक है।"
उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के विकास के लिए कांग्रेस यदि इतनी ही गंभीर है तो उसे राष्ट्रमंडल खेलों पर 3000 करोड़ रुपये खर्च करने की बजाए बुंदेलखंड क्षेत्र की पानी की समस्या को समाप्त करने के लिए इस राशि का उपयोग करना चाहिए।
सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री मायावती को कमजोर करने के लिए राहुल गांधी सब कुछ करने को तत्पर हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, "कांग्रेस मायावती से डरी हुई है। पिछले 18 वर्षो में राज्य में गठबंधन सरकार रही है लेकिन 2007 में बसपा जब पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आ गई तो कांग्रेस की चिंताएं बढ़ गईं। इसलिए वह मायावती को कमजोर करने में लगे हुए हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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