संगठित अपराध से निपटने के लिए गुजरात विधानसभा में विधेयक पारित
गुजकोक विधेयक में मामूली संशोधन के बाद उसे पारित कर दिया गया। संशोधन के तहत उसमें 'संगठित अपराध' की जगह 'आतंकवाद' जैसा शब्द जोड़ दिया गया, क्योंकि गुजरात सरकार के पास आतंकवादी गतिविधियों से निपटने के लिए खासतौर से कोई कानून उपलब्ध नहीं है।
गुजकोक विधेयक गुजरात विधानसभा में पहली बार वर्ष 2003 में पारित किया गया था, लेकिन उसे केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया था।
मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने घोषणा की थी कि बगैर किसी संशोधन के विधेयक को मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास एक बार फिर भेजा जाएगा। इस विधेयक को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल की ओर से 19 जून को लौटा दिया गया था। उन्होंने उसमें तीन संशोधन करने को कहा गया था।
गुजरात सरकार अब इस विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए एक बार फिर केंद्र सरकार के पास भेजेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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