सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम को अधिक मानवीय बनाया जाएगा
पिल्लई ने मंगलवार को आईएएनएस से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा, "आतंकवाद से निपटने के लिए एएफएसपीए की आवश्यकता है। लेकिन इसे फिर से लागू नहीं किया जा सकता। हालांकि इसकी समीक्षा की जा रही है और इसे और अधिक मानवीय स्वरूप देने की कोशिश की जा रही है।"
उन्होंने संकेत दिए कि इस अधिनियम को दी गई अतिरिक्त न्यायिक शक्तियां इससे अलग कर दी जाएंगी। पिल्लई बुधवार को असम के लिए रवाना होंगे और वहां की मौजूदा सुरक्षा स्थिति का जायजा लेंगे। वह मीडिया को भी वहां संबोधित करेंगे।
उल्लेखनीय है कि जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हाल ही में रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी और केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम से मुलाकात कर एएफएसपीए को फिर से बहाल करने की मांग की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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