उद्योग जगत ने किया मौद्रिक समीक्षा नीति का स्वागत
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, "घरेलू मांग पर वित्तीय और मौद्रिक कदमों के पड़े असर से आर्थिक विकास की दर सात फीसदी तक पहुंच सकती है।"
मंगलवार को जारी समीक्षा नीति में आरबीआई ने सभी प्रमुख दरों को अपरिवर्तित रखा है। हालांकि उसने मुद्रास्फीति के प्रति सचेत करते हुए कहा है कि चालू वित्त्त वर्ष में यह पांच फीसदी पहुंच सकती है।
एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसोचैम) ने भी मौद्रिक समीक्षा का स्वागत किया है।
एसोचैम के अध्यक्ष सज्जन जिंदल ने कहा कि यद्यपि आरबीआई को विदेशी संस्थागत निवेशकों के बांड बाजार में प्रवेश के लिए कदम उठाना चाहिए था।
आर्थिक शोध कंपनी मूडी की वेबसाइट इकनॉमिक डॉट कॉम ने कहा कि आरबीआई ने अर्थव्यवस्था की विकास में रफ्तार के लौटने तक समायोजित मौद्रिक नीति की बात कही है।
वेबसाइट के अर्थशास्त्री शेरमैन चान ने कहा, "अभी भी वैश्विक वातावरण में एक अस्थिरता है। ऐसे में दरों में कटौती से घरेलू बाजार में तुरंत तेजी नहीं लौटेगी। दरअसल, पूर्व में दरों में की गई कटौती का बाजार पर असर अब दिख रहा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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