हरियाणा तालिबानी क्षेत्र नहीं हो सकता !
चंडीगढ़, 28 जुलाई (आईएएनएस)। हरियाणा में प्रेमी युगलों को जाति पंचायतों के फरमान पर दी जाने वाली 'सजा ए-मौत' के खिलाफ वहां के युवाओं का एक तबका मुखर होकर सामने आ रहा है।
पंजाब विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग के छात्र आनंद अहलावत ने आईएएनएस से कहा,"हम जहां रह रहे हैं वह तालिबानियों का देश नहीं है। ऐसी कुछ घटनाओं के कारण हरियाणा के देश के सबसे प्रगतिशील और समृद्ध राज्य होने का हमारे मुख्यमंत्री का दावा गलत सिद्ध हो जाता है।"
हरियाणा के अंबाला शहर के रहने वाले अहलावत ने कहा,"हम इस भय के माहौल में अधिक समय तक नहीं रह सकते। इन तर्कहीन खापों को खत्म करने के लिए हम एक जनांदोलन आरंभ करेंगे।"
हरियाणा में अपने समुदाय की इच्छा के विरूद्ध विवाह करने वाले कई युगलों की हत्याएं की गईं हैं और हाल में तो ऐसी घटनाओं की बाढ़ आ गई है।
हाल ही में जींद जिले में अपनी पत्नी को लेने गए एक 21 वर्षीय युवक की 15 पुलिसवालों के सामने हत्या कर दी गई। वह उच्च न्यायालय के आदेश से अपनी पत्नी को लेने गांव गया था।
जींद जिले के ही एक गांव की निवासी और छात्रा अदिति चौधरी ने कहा कि स्थिति हद से बाहर हो गई है और हरियाणा के निवासियों की मन: स्थिति में तुरंत बदलाव की आवश्यकता है। उनका मानना है कि इस प्रक्रिया में युवा सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं।
हरियाणा की एक अन्य छात्रा आकांक्षा गहलौत ने कहा कि जीवनसाथी का चुनाव हर व्यक्ति का निजी मामला है और किसी को भी इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की उपस्थिति में एक व्यक्ति की हत्या हो जाना बहुत शर्मनाक है। युवा पीढ़ी को ऐसी कुरीतियों को दूर करने के लिए आगे आना चाहिए और उन लोगों को सामाजिक बहिष्कार करना चाहिए जो ऐसी बुराइयों को जारी रखना चाहते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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