ढाका में न्यायाधीशों का विरोध प्रदर्शन
कई बसों में सवार हो कर आए न्यायाधीशों ने केंद्रीय सचिवालय में कानून मंत्रालय के सामने एक जोरदार रैली का आयोजन किया। न्यायाधीशों का आरोप था कि कानून मंत्रालय के विभाजन का निर्णय करने के पहले सरकार ने उनसे सलाह नहीं लिया।
बांग्लादेश जुडिशियल सर्विस एसोसिएशन के बैनर तले संगठित इन न्यायाधीशों ने न तो मंत्रालय में जाने का पास लिया था और न उन्होंने पूर्व में मंत्री से मिलने का समय ही लिया था। न्यायाधीशों ने उस समय विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जब सुरक्षा नियमों के तहत सुरक्षाकर्मियों ने उनकी तलाशी लेनी शुरू कर दी।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और रैपिड एक्शन बटालियन (रैब) को बुला लिया गया।
उसके बाद न्यायाधीशों ने आरोप लगाया कि कानून सचिव काजी हबीबुल अवाल ने उन्हें दबाने के लिए सुरक्षा बलों को बुलाया। न्यायाधीश अब कानून सचिव के हटाए जाने की मांग कर रहे हैं।
एसोसिएशन के महासचिव जिला न्यायाधीश मोहम्मद शाहजहां ने समाचार पत्र न्यू एज से कहा, "कानून सचिव की बर्खास्तगी हमारी मुख्य मांग है।"
कानून मंत्री शफीक अहमद ने एसोसिएशन के अध्यक्ष अब्दुल गफूर के नेतृत्व वाले एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।
कानून मंत्री शफीक अहमद ने मीडिया के साथ बातचीत में इस मामले को हल्के में लिया।
अहमद ने कहा, "मैं इसे कोई घटना नहीं कहूंगा। न्यायाधीश कानून मंत्रालय के विभाजन के निर्णय के मुद्दे पर अपनी राय जाहिर करने के लिए मुझसे मिलने आए थे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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