पीडीपी के आरोपों के बाद उमर की इस्तीफे की धमकी (लीड-2)
उमर के ऐसा कहते ही विधानसभा में हंगामा हो गया। उनकी पार्टी नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के सदस्यों ने उन्हें घेर लिया और वहां से जाने से रोकने की कोशिश करने लगे। लेकिन उमर सदन से बाहर चले गए।
वर्ष 2006 में श्रीनगर में एक नाबालिग लड़की ने राज्य के राजनीतिज्ञों, प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों पर बलात्कार का आरोप लगाया था।
इस पर भड़के जनाक्रोश के बाद जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए जांच का जिम्मा केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई)को सौंप दिया था। सीबीआई ने इस मामले में आरोप पत्र दाखिल किया था और इस मुकदमे की सुनवाई पंजाब की एक सत्र अदालत में लंबित है।
मंगलवार को यह मुद्दा एकाएक विधानसभा में फिर से गरमा गया। पीडीपी के वरिष्ठ नेता मुजफ्फर हुसैन बेग ने एक सूची सौंपते हुए कहा कि सीबीआई द्वारा तैयार 102 आरोपियों की सूची में उमर का भी नाम है।
इसके तत्काल बाद उमर अपने स्थान से उठे और बोले कि ऐसे हालात में वह राज्य के मुख्यमंत्री पद पर नहीं बने रह सकते।
भावुक उमर ने कहा, "आज सदन की कार्यवाही समाप्त होते ही मैं राज्यपाल के पास जाकर अपना इस्तीफा सौंप दूंगा। जब तक मेरा नाम आरोपियों की सूची से नहीं हटता तब तक मैं मुख्यमंत्री के रूप में काम नहीं कर सकता।"
उमर के सदन से बाहर जाते ही उनकी पार्टी के सदस्य भी उन्हें जल्दबाजी नहीं करने और अपना इरादा बदलने के लिए समझाने के वास्ते उनके पीछे चले गए।
उमर आगे की कार्रवाई पर विचार करने के लिए वहां से अपने आवास चले गए। उनके पिता एवं नेकां अध्यक्ष तथा केंद्रीय मंत्री फारुक अब्दुल्ला मंगलवार को श्रीनगर में ही थे और नई दिल्ली लौट रहे थे लेकिन इस संकट की जानकारी मिलते ही वह हवाई अड्डे से लौट आए। सूत्रों ने बताया कि उमर अपने पिता से सलाह करके ही अंतिम फैसला लेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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