अब्दुल्ला की इस घोषणा के साथ ही विधानसभा में हंगामा हो गया। अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कांफ्रेंस के सदस्य उन्हें राज्यपाल एन.एन. वोहरा के कार्यालय जाने से रोकने की कोशिश करने लगे।इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।*