मुंबईः दोहरे विस्फोट मामले में 3 दोषी

वर्ष 2003 की 25 अगस्त को लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों ने गेट वे ऑफ इंडिया और जवेरी बाजार में दो वाहनों को विस्फोटकों से उड़ा दिया था। मामले की जांच कर रही मुम्बई पुलिस ने मुख्य आरोपी हनीफ सईद, उसकी पत्नी फहमीदा, अशरत शफीक अंसारी, जाहिद यूसुफ पटनी, रिजवान और ए. शेख बैटरीवाला को गिरफ्तार किया था।
अभियोजन पक्ष के वकील उज्जवल निकम ने संवाददाताओं से कहा, "विशेष न्यायाधीश एम. आर. पुराणिक ने दोषियों को सजा सुनाने की तारीख चार अगस्त तय की है।" उन्होंने कहा, "हम इस मामले में सबसे कठोर सजा चाहते हैं। सभी दोषी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य हैं। इन तीनों को भारतीय दंड प्रक्रिया संहित की धारा 302 के तहत दोषी ठहराया गया है, जिसके तहत आजीवन कारावास या मृत्यु दंड की सजा का प्रावधान है।"
आरोपियों के वकील एस. कुंजुरामन ने कहा कि यदि पोटा की विशेष अदालत के न्यायाधीश एम.आर. पुराणिक इन आरोपियों को दोषी ठहराते हैं तो उन्हें अधिक से अधिक मौत की सजा दी जा सकती है।


Click it and Unblock the Notifications