शोपियां हत्याओं पर जम्मू एवं कश्मीर विधानसभा में हंगामा
विधानसभा का सत्र आरंभ होते ही पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व में पीडीपी सदस्य 'शोपियां के हत्यारों को सामने लाओ' जैसे नारे लगाने लगे।
शोपियां कस्बे में 30 मई को नीलोफर जान (22 वर्ष) और आसिया जान (17 वर्ष) के शव मिले थे। इस मामले में चार पुलिसकर्मियों पर साक्ष्य नष्ट करने और कर्तव्य में लापरवाही बरतने का अरोप लगाया गया है।
बार-बार के आग्रह के बावजूद व्यवस्था स्थापित करने में विफल विधानसभा अध्यक्ष मुहम्मद अकबर लोन ने मार्शलों को विरोध कर रहे पीडीपी सदस्यों को सदन से बाहर करने को कहा। पीडीपी सदस्यों को बाहर निकालने तक सदन में हंगामा जारी रहा।
सुरक्षाकर्मियों द्वारा बाहर निकाले जाने तक पीडीपी सदस्य अध्यक्ष के आसन के समीप घेरा डाले रहे और महबूबा मुफ्ती ने माइक्रोफोन अध्यक्ष पर फेंकने का प्रयास किया।
विधानसभा के बाहर उन्होंने पत्रकारों से कहा कि सरकार शोपियां में दो महिलाओं के बलात्कार और हत्या में शामिल लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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