लंबित मामलों को निपटाने के लिए भरे जा रहे हैं अदालतों में रिक्त पद
मोइली ने राज्यसभा में कहा, "इन समीक्षाओं के आधार पर विभिन्न उच्च न्यायालयों में 163 न्यायाधीशों के नए पद सृजित किए गए हैं। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या भी 26 से बढ़ाकर 31 कर दी गई है।"
एक सवाल के लिखित जवाब में कानून मंत्री ने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय में सबसे अधिक 911,858 मामले लंबित हैं।
मोइली ने कहा कि मद्रास उच्च न्यायालय में 451,496 मामले, बंबई उच्च न्यायालय में 369,978 मामले और कलकत्ता उच्च न्यायालय में 300,473 मामले लंबित हैं। इसके अलावा दिल्ली उच्च न्यायालय में 70,000 मामले लंबित पड़े हुए हैं।
मोइली ने कहा कि पूर्वोत्तर के राज्यों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है। गुवाहाटी उच्च न्यायालय में 62,110 मामले लंबित हैं, जबकि सिक्किम उच्च न्यायालय में वर्ष 2007 तक मात्र 80 मामले ही लंबित थे।
कानून मंत्री ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार से प्राप्त सूचना के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय में इस वर्ष के पहली जून तक 50,659 मामले लंबित थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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