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मध्य प्रदेश में हर घंटे 3 महिलाएं जुल्म की शिकार

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प्रदेश के सरकारी रिकार्ड इस बात की तसदीक करते है कि महिलाओं और बच्चों जुल्म-ज्यादती बदस्तूर जारी है। सोमवार को राज्य विधानसभा में कांग्रेस के शिवनारायण मीणा के सवाल का जबाव देते हुए गृहमंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि एक जनवरी से 30 जून 2009 के बीच महिलाओं और बच्चों पर कुल 16 हजार 514 अपराध घटित हुए जिनको लेकर पुलिस थानों में मामले भी दर्ज किए गए हैं।

सरकारी रिकार्ड के मुताबिक बीते 180 दिनों में 13 हजार 905 महिलाओं को जुल्म का शिकार बनना पड़ा है। अपराध का शिकार बनी महिलाओं के मामले में इन्दौर पहले नम्बर पर है जहां 1419 महिलाओं ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रदेश की राजधानी भोपाल में 913, जबलपुर में 743 और ग्वालियर में 511 महिलाओं पर ज्यादतियां हुई हैं।

गृहमंत्री के मुताबिक पिछले छह माह में 2609 बच्चों पर अपराध हुए है। इस मामले में प्रदेश की राजधानी भोपाल पहले नम्बर पर है जहां 174 बच्चो को अपराध का शिकार बनना पड़ा है। इसके अलावा छिंदवाड़ा में 161 , इन्दौर में 123 और उज्जैन में 117 बच्चों पर जुल्म ढाए गए हैं।

गृहमंत्री ने बताया है कि इन अपराधों के नियंत्रण के लिए प्रयास जारी है। इसके लिए जनचेतना शिविर, पुलिस परामर्श केन्द्र, हेल्प लाइन और महिला डेस्क की व्यवस्था की गई है। महिला सशक्तिकरण हेतु विभिन्न स्थानों पर शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इतना ही नही बच्चों की देख रेख हेतु विशेष किशोर पुलिस इकाई का गठन किया गया है और थाना स्तर पर बाल कल्याण अधिकारी की नियुक्ति भी की गई है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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