त्रिपुरा में बंद के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता की हत्या
पुलिस ने सोमवार को बताया कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कांग्रेस ने सोमवार को दक्षिण त्रिपुरा के जिला मुख्यालय उदयपुर में अलग-अलग बंद का आह्वान किया था, जहां यह घटना घटी। बंद के कारण जिले में सामान्य जन-जीवन अस्तव्यस्त हो गया।
दुकानें व व्यापारिक प्रतिष्ठान, सरकारी व अर्धसरकारी कार्यालय तथा शिक्षण संस्थान बंद रहे और यातायात पूरी तरह ठप रहा।
एक पुलिस प्रवक्ता ने कहा, "दक्षिणी त्रिपुरा के उत्तर कलाबन में दो विरोधी राजनीतिक समूहों के बीच हुए संघर्ष में स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता हराधन चौधरी (50) की मौत हो गई और एक अन्य कार्यकर्ता बुरी तरह घायल हो गया।"
पुलिस ने इस संघर्ष में शामिल रहे एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है और 16 अन्य की तलाश जारी है।
पिछले महीने के प्रारंभ में 20 जुलाई के पंचायत चुनाव की घोषणा के बाद से ही शुरू हुए संघर्षो में अब तक कम से कम दो लोग मारे जा चुके हैं और 100 से अधिक राजनीतिक कार्यकर्ता घायल हो चुके हैं।
कांग्रेस व माकपा ने एक-दूसरे को राजनीतिक हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
कांग्रेस प्रवक्ता सुदीप राय बर्मन ने कहा, "पश्चिम बंगाल की ही तरह त्रिपुरा के लोग भी राज्य में नेतृत्व परिवर्तन चाहते हैं। इसी कारण सत्ताधारी वाम मोर्चा के कार्यकर्ता विपक्षी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा पर उतारू हो गए हैं।"
लेकिन माकपा की राज्य इकाई के सचिव बिजोन धर ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में आतंक फैलाना शुरू कर दिया है और पंचायत चुनाव के पहले से ही वे वामपंथी कार्यकर्ताओं पर हमला कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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