सभी ओर से घिर गए हैं अहमदीनेजाद
तेहरान, 27 जुलाई (आईएएनएस)। ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद चारों से घिर गए हैं। उनके राजनीतिक विरोधी जहां उन पर चुनाव में धांधली करने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं जनता सड़कों पर अपनी नाराजगी का इजहार कर रही है। विदेशों में भी उनकी छवि ठीक नहीं है।
अहमदीनेजाद की एकमात्र उम्मीद संसद में अपने सहयोगियों और देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खमेनी के समर्थन पर टिकी है। परंतु लंबे समय तक वह भी उनका समर्थन करने वाले नहीं हैं।
इस्फंदियार रहीम-मशाई को उपराष्ट्रपति नियुक्त करने पर पैदा विवाद के बावजूद अहमदीनेजाद चाहते थे कि वह पद पर बने रहें। अहमदीनेजाद के पुत्र के ससुर रहीम ने खमेनी के आदेश के बाद खुद पद छोड़ दिया। रहीम ने ईरान को इजरायली जनता का मित्र कहा था।
अहमदीनेजाद ने इस मामले पर पुनर्विचार की अपने समर्थकों की मांग को ठुकरा दिया था। बाद में संसद ने यह मामला खमेनी के सामने उठाया, जिन्होंने अहमदीनेजाद को रहीम को हटाने का आदेश दिया।
अहमदीनेजाद ने देश के संवैधानिक प्रमुख के निर्देश की अनदेखी की। अंतत: रहीम ने स्वत: इस्तीफा दे दिया।
संसद की विदेश और राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के अध्यक्ष अलादीन बोरोजेरदी ने कहा कि यह बहुत आश्चर्यजनक है कि राष्ट्रपति ने खमेनी के आदेश पर तत्काल कार्रवाई नहीं की।
एक अन्य सांसद ने कहा कि अहमदीनेजाद को इसके नकारात्मक परिणाम भुगतने होंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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