जलवायु परिवर्तन से 7.5 करोड़ लोग बन सकते हैं शरणार्थी
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक स्वयंसेवी संगठन 'ऑक्सफेम आस्ट्रेलिया' ने कहा है कि ग्रीनहाऊस गैसों के उत्सर्जन के बारे में प्रशांत क्षेत्र के नेताओं के बीच अगले सप्ताह होने वाली वार्षिक प्रशांत द्वीप फोरम की बैठक में चर्चा की जानी चाहिए।
'ऑक्सफेम आस्ट्रेलिया' के कार्यकारी निदेशक एन्ड्रयू हेवेट ने कहा,"ग्रीनहाऊस गैसों के उत्सर्जन के मामले में आस्ट्रेलिया और अमीर देश सबसे आगे हैं। उन्हें ग्रीनहाऊस गैसों के उत्सर्जन में कमी के बारे में विचार करना होगा।"
हेवेट ने बताया कि,"इसके प्रभाव से खाद्यान्न के उत्पादन में कमी आ रही है, पानी भी कम होता जा रहा है और हम जमीन खोते जा रहे हैं। हम अनेक समस्याओं की चपेट में आते जा रहे हैं। जलवायु में जबरदस्त रूप से बदलाव देखा जा रहा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications