'आसान नहीं होगा पाक के लिए जेहादियों का फन कुचलना'
टाइम्स के अनुसार, "लश्कर-ए तैयबा और उसके जेहादियों के प्रति सहानुभूति और भारत विरोधी संस्कृति की जड़े इस देश में काफी गहरी समाई हैं जिससे उनके नेटवर्क को नष्ट करने के किसी भी दीर्घआयामी कदम पर गंभीर सवाल उठ खड़े होते हैं।"
पत्र ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एक अधिकारी के हवाले से कहा कि लश्कर के 150,000 सदस्य हैं और जैश-ए मोहम्मद के सदस्यों को मिलाकर जेहादी पाकिस्तान को सुलगा सकते हैं। पत्र के अनुसार अधिकारी ने कहा कि हालांकि ये जेहादी 'अच्छे लोग' हैं।
पत्र लिखता है कि लश्कर का मुख्य उद्देश्य भारत को परास्त करना है। यह संगठन घोर इजरायल-विरोधी भी है। अमेरिका के एक अधिकारी ने चेतावनी दी है कि लश्कर के पास गांवों के युवकों को बहुत जल्द और कम पैसों में प्रशिक्षित कर पेशेवर हत्यारा बनाने की क्षमता है।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वे पाकिस्तान को और आतंकी हमले करने से रोकना जारी रखेंगे। उनका कहना है कि वे अभी तक पाकिस्तान सरकार और जेहादियों के बीच के संबंधों को समझने की कोशिश कर रहे हैं। मुंबई हमलों के पीछे लश्कर का ही हाथ माना जाता है और इनमें 170 से ज्यादा लोग मारे गए थे।
पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी का कहना है कि वह इस संगठन पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है हालांकि वे काफी सतर्कता बरत रहे हैं, वे चाहते हैं कि भारत बलूचिस्तान में गड़बड़ी फैलाना बंद करे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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