रफसंजानी ने धर्मगुरुओं की आलोचना का बचाव किया
तेहरान, 27 जुलाई (आईएएनएस)। ईरान के पूर्व राष्ट्रपति अकबर हाशमी-रफसंजानी ने रविवार को देश के शीर्ष धर्मगुरुओं द्वारा अपनी आलोचना का बचाव करते हुए सभी राजनीतिक कैदियों की रिहाई पर जोर देना जारी रखा है।
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार तेहरान विश्वविद्यालय में प्रोफेसरों की एक बैठक में रफसंजानी ने कहा,"मैंने शुक्रवार की प्रार्थना में जो दृष्टिकोण रखा था,उस पर कायम हूं।"
शुक्रवार को एक प्रार्थना के बाद रफसंजानी ने कहा था कि देश इस समय एक संकट के दौर से गुजर रहा है और उन्होंने इससे बाहर निकलने के पहले कदम के रूप में सभी राजनीतिक कैदियों को तत्काल रिहा करने की मांग की थी।
रूढ़िवादी मौलवियों ने विपक्षी नेता मीर हुसैन मुसावी के रुख का समर्थन करने को देश की इस्लामी व्यवस्था को कमजोर करने का एक प्रयास बताकर रफसंजानी की आलोचना की।
समाचार एजेंसी फारस के अनुसार रविवार को ईरान के धर्मगुरुओं की सर्वोच्च संस्था एक्सपर्ट असेंबली के 88 में से 65 मौलवियों ने रफसंजानी से व्यवस्था के प्रति अपनी निष्ठा स्पष्ट करने को कहा।
धर्मगुरुओं ने उनसे सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खोमेनी के प्रति भी वफादारी स्पष्ट करने को कहा।
इसके जवाब में रफसंजानी ने कहा कि वह और सर्वोच्च नेता पिछले 50 वर्षो से मित्र हैं और उन्होंने क्रांति के उतार-चढ़ाव को एक साथ देखा है। धर्मगुरुओं को नेता के साथ संबंधों के बारे में चिंता नहीं करनी चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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