'बैंकों के राष्ट्रीयकरण के कारण भारत मंदी का सामना कर सका'
मुखर्जी ने उन दिनों को याद दिलाया जब 40 साल पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने वर्ष 1969 में बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया था। मुखर्जी ने कहा, "हम आर्थिक मंदी का सामना इसी कदम के कारण कर पाए। दुनिया के प्रमुख देशों की वित्तीय व्यवस्था ध्वस्त हो गई है लेकिन हम अभी भी इसलिए बचे हुए हैं, क्योंकि हमने अपने बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया है।"
मुखर्जी ने कहा कि निजीकरण के बदले सरकार की नीति बैंकों को और मजबूत बनाने को लेकर है।
इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) की पश्चिम बंगाल इकाई के 28वें सम्मेलन का उदघाटन करते हुए मुखर्जी ने कहा, "सरकार बैंकों में हमेशा कम से कम 51 प्रतिशत हिस्सेदारी बनाए रखेगी।"
मुखर्जी ने कहा कि सुधार की जरूरत है, लेकिन आम आदमी की जरूरतें पूरी करने पर जोर होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications