पूर्वोत्तर के आतंकियों के लिए बेंगलुरू नया पनाहगाह?
सैयद जरीर हुसैन
गुवाहाटी, 26 जुलाई (आईएएनएस)। दक्षिण भारत अब पूर्वोत्तर के अलगाववादी संगठनों के लिए नया पनाहगाह बन गया है। खुफिया सूचनाओं के अनुसार सुरक्षा बलों के बढ़ रहे दबाव के बाद पूर्वोत्तर के विद्रोही नेता अब देश के दक्षिणी हिस्से में खासतौर से बेंगलुरू में शरण ले रहे हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि युनाईटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) और नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों ने दक्षिण भारत के कुछ शहरों को अपना नया ठिकाना बना रखा है।
असम पुलिस के प्रमुख जी.एम.श्रीवास्तव ने आईएएनएस को बताया, "हमारे पास इस बात की पक्की सूचना है कि उल्फा और एनडीएफबी के कुछ वरिष्ठ व मध्यम दर्जे के नेता असम से भाग रहे हैं और दक्षिण भारत में शरण ले रहे हैं। सुरक्षा कारणों से हम उन शहरों के बारे में अधिक जानकारी व अन्य सूचनाएं नहीं दे सकते।"
श्रीवास्तव ने कहा, "हम दक्षिण भारतीय शहरों में स्थित आतंकी नेताओं की गिरफ्तारी के लिए वहां के पुलिस अधिकारियों से बराबर संपर्क में हैं।"
ज्ञात हो कि बेंगलुरू में पिछले महीने असम के एक प्रतिबंधित विद्रोही संगठन ब्लैक विडो के मुख्य कमांडर जेवल गार्लोसा सहित संगठन के दो वरिष्ठ नेताओं को गिरफ्तार किया गया था।
गार्लोसा काठमांडू से बेंगलुरू पहुंचा था। वहां से वह अपने नाम पर एक पासपोर्ट लेने की कोशिश में था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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