राजस्थान में स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए पूरी तैयारी
खान शनिवार को शासन सचिवालय में स्वाइन फ्लू से बचाव एवं उपचार के लिए की जा रही व्यवस्थाओं के संबंध में आयोजित बैठक में स्थिति की समीक्षा कर रहे थे।
बैठक में बताया गया कि राहुल एवं उनके दो बच्चे लंदन से दिल्ली आने के बाद 12 जुलाई को टैक्सी से जयपुर पहुंचे तथा राजकुमार टिबरेवाला के घर पर तीन दिन रुक कर हैदराबाद चले गए थे। हैदराबाद में वे अपने ससुराल में रुके तथा वहां इन्हें व दो अन्य बच्चों को स्वाइन फ्लू बीमारी के लक्षण पाए गए।
इसकी सूचना राज्य सरकार को प्राप्त होने पर चिकित्सा विभाग द्वारा जयपुर में इनके सम्पर्क में आने वाले परिवार के सदस्यों की जांच की गई एवं जांच में स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए जाने पर चार सदस्यों को आईसोलेशन वार्ड में भर्ती करवाया गया। जांच की रिपोर्ट शनिवार दोपहर में प्राप्त होने पर इनमें स्वाइन फ्लू बीमारी होने की पुष्टि हुई है।
विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र निवासी राजकुमार टिबरेवाला के परिवार के सम्पर्क में आने वाले रिश्तेदार, मित्र, घर के नौकर एवं उनके मकान में चल रही फैक्ट्री में काम करने वाले सभी मजदूरों एवं कर्मचारियों को रोग से बचाव हेतु आवश्यक दवाएं दी गई हैं। इस परिवार में रह रहे दोनों बच्चों के स्कूलों में भी अन्य बच्चों की जांच की गई, उनमें से किसी को भी रोग के लक्षण नहीं पाए गये। इन रोगियों के सम्पर्क में आने वाले अन्य व्यक्तियों की भी तलाश की जा रही है, जिससे एहतियात के तौर पर उनकी भी जांच की जा सके।
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा ललित कोठारी ने बैठक में बताया कि संभावित स्वाइन फ्लू के रोगियों के उपचार के लिए सवाई मानसिंह चिकित्सालय के आइसोलेशन वार्ड में 20 बिस्तर आरक्षित की गई हैं तथा उपचार हेतु आवश्यक औषधियां, मास्क, कैप, गाउन आदि की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। इसके अलावा आपात स्थिति से निपटने के लिए एक रेपिड रेस्पोन्स टीम गठित की हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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