सैन्य कार्रवाई नक्सली समस्या का समाधान नहीं : बिनायक सेन
नई दिल्ली, 25 जुलाई (आईएएनएस)। सामाजिक कार्यकर्ता और चिकित्सक बिनायक सेन ने शनिवार को कहा है कि सैन्य कार्रवाई के जरिए नक्सली चुनौती से नहीं निपटा जा सकता।
ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के साथ संबंध रखने के अपुष्ट आरोप में सेन पिछले दो वर्षो से जेल में थे और अभी दो महीने पहले ही जमानत पर रिहा हुए हैं।
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जमानत दिए जाने के बाद सेन पहली बार किसी सार्वजनिक बैठक में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली आए हुए थे।
इंडियन सोशल इंस्टीट्यूट में आयोजित बैठक के मौके पर आईएएनएस के साथ बातचीत में सेन ने कहा, "मेरे आज यहां आने का मुख्य मकसद यह है कि मैं छत्तीसगढ़, झारखंड और अन्य नक्सलवाद प्रभावित राज्यों में नागरिक समाज के साथ मिलकर शांति की एक पहल शुरू करने जा रहा हूं। मैं यह संदेश देना चाहता हूं कि किसी भी सामाजिक समस्या के समाधान के लिए सैन्य कार्रवाई उचित नहीं है।"
सेन ने कहा, "हम चाहते हैं कि शुरू में नागरिक समाज और अन्य लोग इस पहल में हिस्सा लें और हमने इस संबंध में चार अगस्त को एक बैठक रखी है। इस पहल में सरकार की प्रत्यक्ष भागीदारी नहीं होगी, हालांकि हमारे समूह, पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) के कुछ सदस्य इस पहल में सांसदों को भी आमंत्रित करने की बात कर रहे हैं।"
अपनी रिहाई के संबंध में सेन ने कहा, "यद्यपि मुझे इस बात की खुशी है कि दो वर्ष बाद जमानत पर मुझे रिहा कर दिया गया है, लेकिन यह हमारी पूर्ण जीत नहीं है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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