कन्या जन्म के बारे में लोगों की मानसिकता बदलना समय की मांग : धूमल
मुख्यमंत्री आज यहां स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा 6 वर्ष तक की आयु वर्ग की बालिकाओं के लिंग अनुपात में आ रही चिंताजनक कमी के बारे में लोगों को जागरुक करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'बेटी अनमोल है' अभियान के तहत आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, जिसमें हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड तथा संघ क्षेत्र चंडीगढ़ के विभिन्न प्रतिनिधियों तथा राज्य के सभी जिलों के सक्रिय महिला समूहों तथा अन्य प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने लिंग अनुपात में आ रही गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में कन्या भ्रूण हत्या जैसी दुष्प्रवृत्ति को समूल नष्ट करने के लिए देश के उत्तरी राज्यों को मिलकर संयुक्त मंच का गठन करना चाहिए।
इस संबंध में पड़ोसी राज्यों को सांझी रणनीति तैयार कर लोगों की मानसिकता में बदलाव लाने की दिशा में सकारात्मक योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रसव पूर्व लिंग जांच अधिनियम, 1994 को कड़ाई से लागू किया जाना चाहिए, ताकि लिंग अनुपात में आ रहे चिंताजनक अंतर को समाप्त किया जा सके।
उन्होंने कहा कि समाज में बेटे की चाहत की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण ही भ्रूण हत्या जैसे अपराधों को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने कहा कि लोगों की ऐसी संकुचित मानसिकता को बदलने के लिए सभी राज्यों को मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी सीमावर्ती जिलों में कन्या जन्म दर में आ रही गिरावट चिंता का विषय है, जिसके लिए सुधारात्मक प्रयास किए जाने चाहिए तथा पी़एऩडी़टी अधिनियम का उल्लंघन करने वाले लोगों के साथ सख्ती से निपटा जाना चाहिए, ताकि अन्य लोग भी इससे सबक लेकर अपनी संकुचित मानसिकता में बदलाव ला सकें।
उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य में किसी भी प्रकार की कोताही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्य मंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित लोगों को कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई को समूल नष्ट करने के लिए शपथ दिलाई। उन्होंने विभाग द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को प्रशस्तिपत्र तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया।
पंजाब की स्वास्थ्य मंत्री डॉ़ लक्ष्मीकांता चावला ने कन्या जन्म के बारे में लोगों की मानसिकता में बदलाव लाने के मुख्य मंत्री के आान का समर्थन करते हुए कहा कि देश में बेहतर शिक्षा तथा उदार विचारधारा से ही कन्या भ्रूण हत्या जैसी घटनाओं में वृद्घि को रोका जा सकता है। उन्होंने भारतीय सभ्यता के प्राचीन ग्रंथों का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारी सभ्यता में प्राचीन काल से ही नारी को समाज में उच्च दजऱ्ा प्रदान किया गया है तथा महिलाओं को सामाजिक स्वास्थ्य मंत्री डॉ़ राजीव बिंदल ने मुख्य मंत्री तथा पड़ोसी राज्यों के अन्य प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि समाज में कन्या जन्म के बारे में व्याप्त विभिन्न सामाजिक भ्रांतियों के कारण ही कन्या जन्म दर में कमी आ रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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