चेन्नई में सर्वोच्च न्यायालय की खंडपीठ चाहता है तमिलनाडु
न्यायाधीशों के लिए एक अतिथिगृह के उद्घाटन के अवसर पर करुणानिधि ने कहा कि वह आम लोगों की पहुंच सर्वोच्च न्यायालय तक सुगम बनाने के लिए चेन्नई में उसकी खंडपीठ स्थापित करने का अपना आग्रह दोहरा रहे हैं।
मद्रास उच्च न्यायालय की आधिकारिक भाषा तमिल को बनाने के संबंध में विधानसभा द्वारा पारित एक प्रस्ताव का जिक्र करते हुए उन्होंने समारोह में उपस्थित प्रधान न्यायाधीश के.जी.बालाकृष्णन और अन्य न्यायाधीशों से इसके लिए समर्थन देने को कहा।
अतिथि गृह का उद्घाटन करते हुए बालाकृष्णन ने वकीलों को केवल उन्हीं मामलों पर विरोध करने की सलाह दी, जिससे कानूनी पेशा प्रभावित हो रहा हो और कहा कि भारी संख्या में लंबित मामलों को निपटाया जाना है।
उन्होंने कहा कि शीघ्र ही देश में करीब 200 पारिवारिक न्यायालयों की स्थापना की जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications