न्यायाधीशों की संपत्ति घोषणा से संबंधित विधेयक अगले सप्ताह पेश होगा

नई दिल्ली, 25 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय विधि सचिव टी.के. विश्वनाथन ने शनिवार को बताया है कि न्यायाधीशों की संपत्ति की घोषणा से संबंधित एक विधेयक मंगलवार को संसद में पेश किया जाएगा। इस विधेयक के तहत सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को अपनी संपत्ति के बारे में प्रति वर्ष राष्ट्रपति को ब्योरा देना होगा।

सामान्यतौर पर न्यायाधीशों द्वारा राष्ट्रपति को दिया जाने वाला संपत्ति का ब्योरा गुप्त होगा। लेकिन किसी न्यायाधीश के खिलाफ किसी न्यायिक कदाचार के मामले की जांच के दौरान उस ब्योरे को हासिल किया जा सकता है और ऐसी स्थिति में उसे सार्वजनिक भी किया जा सकता है।

इस विधेयक पर गुरुवार को कैबिनेट में चर्चा की गई है।

विधेयक की स्थिति को लेकर पूछे गए प्रश्न के जवाब में विश्वनाथन ने आईएएनएस को बताया, "सरकार इस विधेयक को संसद में यदि सोमवार को पेश नहीं कर पाई तो मंगलवार को जरूर पेश कर देगी।"

विधेयक में शामिल विवरणों की जानकारी देने से इंकार करते हुए विश्वनाथन ने कहा, "विधेयक को कैबिनेट द्वारा मंजूर किया जा चुका है और कुछ कमजोर बिंदुओं को दुरुस्त किया जा रहा है।"

लेकिन कानून मंत्रालय के एक अन्य अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि प्रस्तावित विधेयक के तहत न्यायाधीशों द्वारा अपनी संपत्ति की घोषणा संबंधित मुख्य न्यायाधीशों या प्रधान न्यायाधीश के समक्ष की जाएगी।

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अपनी संपत्ति की घोषणा अपने मुख्य न्यायाधीश के समक्ष करेंगे और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश अपनी संपत्ति की घोषणा देश के प्रधान न्यायाधीश के समक्ष करेंगे। उसके बाद प्रधान न्यायाधीश व मुख्य न्यायाधीश खुद की संपत्ति के ब्योरे के साथ इन सभी ब्योरों को राष्ट्रपति के पास भेज देंगे।

अधिकारी ने कहा कि किसी न्यायाधीश के खिलाफ न्यायिक कदाचार के मामले की जांच में संपत्ति के इस ब्योरे का इस्तेमाल किया जा सकता है और इस तरह के विवरणों को सार्वजनिक भी किया जा सकता है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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