पर्यावरण जागरूकता के लिए मथुरा मार्च

पुरुषों, महिलाओं और बच्चों का समूह बैनरों व पोस्टरों के साथ शुक्रवार को आगरा से प्रस्थान किया था। यह पदयात्रा सोमवार को मथुरा के गोबर्धन पर्वत पर समाप्त होगी। पद यात्रियों को श्रीनाथजी निशुल्क जल सेवा के निदेशक बांके लाल माहेश्वरी ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया।

माहेश्वरी ने आईएएनएस को बताया, "पवित्र यमुना का जल मानव उपयोग के लायक नहीं रह गया है। ब्रज मंडल के दर्जनों विविध जंगल लुप्त हो गए हैं, घाट नष्ट हो गए हैं, पवित्र कुंडों पर कब्जे हो गए हैं। कृष्ण सबसे बड़े पर्यावरणविद थे। उन्होंने प्रदूषण के प्रतीक कालिया नाग का यमुना में वध किया था और पर्वतों व जंगलों की रक्षा की थी।"

माहेश्वरी ने कहा, "लाखों लोग प्रति वर्ष मथुरा-वृंदावन का दर्शन करने आते हैं, लेकिन कोई भी व्यक्ति मूल्यवान प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए कुछ नहीं करता। यह पदयात्रा बेहतर आपसी समझ पैदा करने और पूरे ब्रज मंडल में सफाई अभियान में लोगों को शामिल करने में मददगार साबित होगा।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+