तिपाइमुख बांध पर भारत-बांग्लादेश वार्ता के पक्ष में है चीन
ढाका, 24 जुलाई (आईएएनएस)। चीन ने मणिपुर में बनने वाले तिपाइमुख बांध पर भारत और बांग्लादेश के बीच जारी बातचीत का समर्थन किया है।
तिपाइमुख बांध बराक नदी पर बनने वाला है जो चीन से भारत आती है और यहां से बांग्लादेश की ओर जाती है। समाचार पत्र 'न्यू एज' के अनुसार चीन के राजनयिक झाओ गेंग ने गुरुवार को बांग्लादेशी नेतृत्व के साथ बातचीत के दौरान भारत और बांग्लादेश के बीच जारी बातचीत की इस प्रक्रिया का स्वागत किया।
गेंग ने यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में व्यक्त की है जब बांग्लादेश सांसदों, अधिकारियों और जल संसाधन विशेषज्ञों का एक दल भारत में प्रस्तावित बांध के स्थल पर भेजने वाला है। इस दल के नेता अब्दुर रज्जाक ने गुरुवार को घोषणा की कि उनका दल विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी)के दो सांसदों के बगैर ही रवाना होगा।
बांध के बांग्लादेश पर पड़ने वाले असर का अध्ययन करने के लिए यह दल 29 जुलाई को रवाना होगा। इसके तीन अगस्त स्वदेश लौटने की संभावना है।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के नेतृत्व वाली बीएनपी कई पर्यावरणविदों और स्वयंसेवियों के साथ मिलकर इस परियोजना का विरोध कर रही है। उसका कहना है कि इससे बांग्लादेश को उसके हिस्से पानी नहीं मिलेगा और सिलहट क्षेत्र की पारिस्थितिकी खतरे में पड़ जाएगी।
खालिदा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी खत लिखकर यह परियोजना छोड़ देने का अनुरोध किया है।
भारत का कहना है कि यह बांध पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए बिजली उत्पादन करने के लिए जरूरी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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