प्रो. सभरवाल के बेटे का सहयोगी मृत मिला (लीड-1)
पुलिस के मुताबिक हिमांशु की गुड़गांव स्थित विज्ञापन एजेंसी में एकाउंटेंट की नौकरी करने वाले परमिंदर सिंह का शव विश्वविद्यालय परिसर के मौरिस नगर क्षेत्र में सड़क के किनारे गुरुवार रात साढ़े ग्यारह बजे बरामद किया गया। उसके शरीर पर छह से सात जख्म मिले हैं।
पुलिस ने हत्या के पीछे डकैती की मंशा को खारिज कर दिया क्योंकि सिंह की मोटरसाइकिल उनके शव के पास ही मिली। हालांकि उनके मोबाइल का अब तक पता नहीं चल सका है।
उत्तरी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त सागरप्रीत हूडा ने आईएएनएस से कहा कि हमें रात 11.30 बजे काल आया कि उत्तरी परिसर में खालसा कालेज के पास एक शव पड़ा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार सिंह, हिमांशु और उनकी दोस्त पूजा कनाट प्लेस में शाम को 5.30 बजे पार्क इन रेस्तरां में मिले। सिंह अपनी मोटरसाइकिल पर आए थे जबकि हिमांशु और पूजा कार से आए थे।
इन लोगों ने योजना बनाई कि प्रो. सभरवाल हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर इंडिया गेट पर रविवार को होने वाले कैंडिल लाइट मार्च के बारे में वे दिल्ली विश्वविद्यालय में रात 8 से 11 बजे तक पोस्टर चिपकाएंगे।
हिमांशु और पूजा कार से जबकि सिंह मोटरसाइकिल से विश्वविद्यालय की ओर रवाना हुए। विश्वविद्याल में उन्हें सैफ मिला जो कि रामजस कालेज का छात्र नेता है। चारों एक-दूसरे को पहले से जानते थे क्योंकि ये एनजीओ उदय फाउंडेशन से जुड़े थे।
पुलिस के अनुसार हिमांशु ने बताया कि उन्होंने रात 11 बजे तक पोस्टर चिपकाए। इसके बाद वे सभी अपने-अपने गंतव्य की ओर चले गए।
पुलिस ने इस मामले में हिमांशु, पूजा, सैफ और गरिमा से अलग-अलग पूछताछ की है और उनका बयान दर्ज किया है।
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र की एक अदालत ने 13 जुलाई को अपने फैसले में प्रो. सभरवाल की मौत मामले में छह आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications