पुराना गोर्शकोव नए युद्धपोत से ज्यादा महंगा : सीएजी
सीएजी की इस रिपोर्ट के साथ ही रूस निर्मित विमान वाहक पोत के अधिग्रहण को लेकर भारतीय नौसेना के सामने एक नया विवाद खड़ा हो गया है।
सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार नौसेना में विमान वाहक पोत शामिल करने का उद्देश्य गोर्शकोव की आपूर्ति में देरी के कारण नहीं हासिल किया जा सका है।
सीएजी ने एक वार्षिक रिपोर्ट में कहा है, "चार वर्षो के दौरान गोर्शकोव के अधिग्रहण की लागत दोगुने से भी अधिक होकर 1.82 अरब डॉलर हो गई है। इतनी भारी कीमत चुकाने के बाद भी भारतीय नौसेना एक पुरानी और सीमित उम्र वाली पोत पाएगी, जबकि इससे कम कीमत में एक नया युद्ध पोत खरीदा जा सकता था।"
ज्ञात हो कि एडमिरल गोर्शकोव का सौदा उस समय विवादों में आ गया था, जब रूस ने वर्ष 2007 में इसकी कीमत बढ़ा दी थी और आपूर्ति की तारीख आगे टाल दी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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