जांच की गति से असंतुष्ट हैं मारे गए ब्रिटिश नागरिक के परिजन
ब्लैकी के परिजनों ने विदेश मंत्रालय को लिखे एक पत्र में कहा है कि हत्यारों को पकड़ने में मदद के लिए भारतीय अधिकारियों पर दबाव बनाया जाए।
इधर, स्थानीय पुलिस का कहना है कि एक संभावित संदिग्ध की अनुपस्थिति के कारण जांच प्रभावित हो रही है। वह संदिग्ध घटना के बाद से ही स्कॉटलैंड के लिए पलायन कर गया है।
ब्लैकी का शव नवंबर 2006 में यहां एक पुराने ब्रिटिश कब्रस्तान से गुजरने वाले नाले में चट्टान के टुकड़े के नीचे पाया गया था।
पुलिस को इस मामले में ब्लैकी की महिला सहयोगी रसेल ओवन के भारतीय पति पवन भारद्वाज पर संदेह है। भारद्वाज को ब्लैकी की हत्या के कुछ ही दिनों बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था और उससे कई दिनों तक पूछताछ भी की गई थी। लेकिन बाद में उस पर कोई आरोप लगाए बगैर उसे रिहा कर दिया गया था। उसके बाद वह अपनी पत्नी के साथ स्कॉटलैंड चला गया।
मामले के नए जांच अधिकारी पुलिस उपाधीक्षक दिनेश शर्मा ने शुक्रवार को आईएएनएस को बताया, "हम माइकल ब्लैकी की हत्या मामले की फिर से जांच कर रहे हैं। अभी तक इस मामले में 20 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है।"
शर्मा ने कहा कि भारद्वाज से इस मामले में अब पूछताछ संभव नहीं है।
शर्मा ने कहा, "हमारे पास अभी तक भारद्वाज के खिलाफ पर्याप्त सबूत भी नहीं है कि उसके प्रत्यर्पण की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाए। यह अब ब्रिटिश पुलिस पर निर्भर है कि वह भारद्वाज को नोटिस जारी करे और अपराध में उसकी संलिप्तता के बारे में पता लगाए।" शर्मा ने कहा कि उनके पास भारद्वाज का स्काटलैंड का पता और फोन नंबर भी उपलब्ध नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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