गुजरात दंगे : न्यायालय का मोदी के खिलाफ जांच पर रोक से इंकार (लीड-1)
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक कालू मालिवाड की ओर से दाखिल याचिका ठुकराते हुए न्यायालय ने कहा कि मोदी एवं अन्य के खिलाफ एसआईटी जांच जारी रहेगी।
याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि सर्वोच्च न्यायालय ने एसआईटी को कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी की विधवा जाकिया जाफरी की शिकायत पर निरंकुश अधिकार नहीं दिए हैं। दंगाइयों ने गुलबर्ग सोसायटी में जाफरी की हत्या कर दी थी।
जाकिया ने सर्वोच्च न्यायालय में अपनी दर्ज अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि अहमदाबाद और राज्य के अन्य हिस्सों में हिंसा हो रही थी उस समय मोदी और मंत्रिमंडलीय सहयोगियों और पुलिस तथा प्रशासन के अधिकािरयों के संपर्क में थे। उच्च न्यायालय ने पहले जांच पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था और मालिवाड की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।
एसआईटी एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, " सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार मोदी और अन्य के खिलाफ जांच पहले से जारी है। यह सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार हो रही जांच का हिस्सा है।"
गुजरात के गोधरा में 27 फरवरी 2002 को साबरमती एक्सप्रेस के एक डिब्बे को आग लगाए जाने से 59 लोग मारे गए थे। इस घटना के बाद भड़के सांप्रदायिक दंगों में 1169 लोग मारे गए थे। दंगाइयों द्वारा एक कॉलोनी पर हमला करने और आगजनी से जाफरी समेत कम से कम 39 लोग मारे गए थे। मानवाधिकार संगठनों ने इसके लिए मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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