जोशी की याचिका पर न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रखा
न्यायामूर्ति रविंद्र सिंह और न्यायामूर्ति नाहिद ए. मोनिस की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद फैसले को सुरक्षित रखा। जोशी के वकील राकेश द्विवेदी ने अदालत के समक्ष यह दलील दी कि जोशी के खिलाफ दर्ज मामला वैधानिक नहीं था और यह मामला राजनीति से प्रेरित था, इसलिए राज्य सरकार को इसे तत्काल वापिस लेना चाहिए।
मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में जोशी के खिलाफ अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। जोशी को बाद में मुरादाबाद जिला न्यायालय ने अग्रिम जमानत दे दी थी। मायावती पर कथित अभद्र टिप्पणी के बाद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) कार्यकर्ताओं ने जोशी के आवास को जला दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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