अंतिम उपयोगकर्ता करार का विकल्प नहीं सुझा पा रही है भाजपा
भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद से गुरुवार को आईएएनएस ने जब यह जानना चाहा कि भाजपा इस करार का विरोध तो कर रही है लेकिन क्या उसके पास सरकार को सुझाने के लिए इस करार का कोई वैकल्पिक उपाय है तो इसके जवाब में उन्होंने कहा, "उपाय सुझाना हमारा काम नहीं है।"
उन्होंने कहा, "यह समझौता इस परिकल्पना पर आधारित है कि भारत कहीं कुछ गलत न कर दे। हम कपटी नहीं हैं। कुछ सैन्य हार्डवेयरों के लिए हम क्यों अपनी संप्रभुता के साथ समझौता करें।"
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, "जब देश की संप्रभुता से समझौता करने वाले ऐसे ही करार फ्रांस, रूस, इजरायल और अन्य देशों के साथ नहीं किए तो यह अमेरिका के साथ क्यों किया जा रहा है।"
उल्लेखनीय है कि अमेरिका से खरीदे गए सैनिक साजो-सामान के अंतिम उपयोग की पुष्टि करने वाले इस समझौते पर सोमवार को विदेश मंत्री एस. एम. कृष्णा और भारत यात्रा पर आई अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने दस्तखत किए थे। इसके अगले ही दिन भाजपा और अन्य दलों ने संसद के दोनों सदनों में सरकार पर अमेरिकी दबाव में झुकने और देश की संप्रभुता से समझौता करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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