'सोवियत संघ के लिए जासूसी सबसे बड़ी भूल'
लंदन, 23 जुलाई (आईएएनएस)। शाही परिवार के लिए काम करने के साथ ही कैंब्रिज विश्वविद्यालय में पढ़ाने वाले ब्रिटेन के एक कुख्यात 'डबल एजेंट' ने स्वीकार किया था कि सोवियत संघ के लिए जासूसी करना उसके जीवन की सबसे बड़ी गलती थी।
ब्रिटिश लाइब्रेरी द्वारा जासूस एंथनी ब्लंट की मृत्यु के 25 वर्ष बाद गुरुवार को शोधकर्ताओं के लिए उद्घाटित संस्मरणों के अनुसार उसने कहा कि सार्वजनिक रूप से निंदा किए जाने के बाद उसने आत्महत्या करने या सोवियत संघ भागने के बजाए ब्रिटेन में ही रहने का निश्चय किया।
ब्लंट को कला इतिहास का जानकार माना जाता था और वह द्वितीय विश्व युद्ध और 1950 के दशक के दौरान कुख्यात 'कैंब्रिज जासूसी समूह' का सदस्य था, जिसके सदस्य हेराल्ड किम फिल्बी, डोनाल्ड मैक्लिन,गाय बर्गीज और जान केयर्नक्रास थे।
ब्लंट शाही कलाकृतियों के संग्रह के रख-रखाव की जिम्मेदारी भी संभालता था। उसने वर्ष 1964 में सोवियत संघ के लिए जासूसी करना स्वीकार किया और सार्वजनिक रूप से तत्कालीन प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर ने वर्ष 1979 में उसकी निंदा की।
जासूसी की बात सार्वजनिक होने के बाद ब्लंट ने 30,000 शब्दों में अपने संस्मरण लिखे और ब्रिटिश पुस्तकालय को सौंप दिए। उसने इन्हें अपनी मौत के 25 वर्ष बाद सार्वजनिक करने को कहा था। ब्लंट की मौत 1984 में हुई।
ब्लंट ने कहा कि उसमें सोवियत साम्यवाद के प्रति उत्साह था लेकिन वह गाय बर्गीज की तरह ब्रिटिश कम्युनिस्ट पार्टी का सदस्य नहीं बना।
मैक्लीन और बर्गीज के वर्ष 1951 में रूस भागने के बाद ब्लंट संदेह के घेरे में आ गया था लेकिन उसने अपने निर्दोष होने का दावा किया।
अधिकारियों द्वारा माफी देने के आश्वासन के बाद उसने वर्ष 1964 में अपना अपराध स्वीकार किया। उसे काम पर वापस ले लिया गया और उसने जासूसी संस्था एम15 के साथ सहयोग भी किया।
अचानक वर्ष 1979 में प्रधानमंत्री थैचर ने उसका नाम संसद में उद्घाटित किया। यह ब्लंट के लिए एक आघात था, लेकिन उसने आत्महत्या नहीं की और न रूस गया। निंदा से बचने के लिए वह यूरोप में छिपता रहा। वह बाद में वापस ब्रिटेन लौटा। परंतु एक दिन लंदन के पड़ोस में स्थित नोटिंग हिल में एक सिनेमाघर में लोगों ने उसे पहचान लिया और उसे थियेटर छोड़ने को बाध्य होना पड़ा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
**


Click it and Unblock the Notifications