'श्रीलंका टीम पर हमले के पीछे भारत'

सूत्रों के हवाले से समाचार पत्र 'डान' ने बुधवार को कहा कि पाकिस्तान में विध्वंसक गतिविधियों में भारत के शामिल होने संबंधी साक्ष्य पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने शर्म अल-शेख में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सौंपे हैं।
पाक ने ये साक्ष्य अमेरिका और अफगानिस्तान को भी उपलब्ध कराए हैं। साथ काबुल से पाकिस्तान के खिलाफ विघटनकारी गतिविधियों के लिए अपने क्षेत्र का उपयोग रोकने को कहा गया है। अखबार ने कहा कि यद्यपि भारत को सौंपे गए साक्ष्यों को अत्यंत गुप्त रखा जा रहा है लेकिन जो भी ब्योरा उपलब्ध हुआ है उसके अनुसार श्रीलंका क्रिकेट टीम पर हमले और मनावन पुलिस अकादमी पर हमले में शामिल लोगों के भारतीय संपर्को की विस्तृत जानकारी है।
हमलों के जिम्मेदार लोगों से रॉ के जो संचालक संपर्क में रहे उनकी पहचान की जा चुकी है और उनके वार्तालाप के सबूत भी दस्तावेज में संलग्न हैं। श्रीलंका टीम पर हमले में उपयोग किए गए भारतीय हथियारों की जानकारी भी साक्ष्य में दी गई है। दस्तावेज में अफगानिस्तान में रॉ द्वारा चलाए जा रहे प्रशिक्षण केंद्रों और शरणगाहों का भी विवरण दिया गया है।
डॉन ने कहा कि दस्तावेज में बलूचिस्तान के विद्रोहियों विशेषकर बरमडाग बुगती,बुरहान और शेरखान के भारतीय संपर्को का सबूत दिया गया है। इसमें बुगती की भारत यात्रा और सुरक्षा अधिकारियों से बैठक का उल्लेख है।
दस्तावेज में कंधार में भारतीय धन से संचालित प्रशिक्षण शिविरों का हवाला दिया गया है,जहां बुगती कबीले के सदस्य प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं और पाकिस्तान में विध्वंसक गतिविधियों के लिए हथियार और गोला बारूद पाते हैं। डॉन के अनुसार मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान के दावों पर विचार करने और इन गतिविधियों को रोकने के लिए कदम उठाने का आश्वासन दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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