सूर्यग्रहणः बादलों ने किया मायूस

पूर्ण सूर्यग्रहण का नज़ारा देखने आए लोगों को उस समय काफी निराशा हुई जब पटना और तारेगना में सुबह के समय बादल छाए रहे। गौरतलब है कि बुधवार को मसौढ़ी अनुमंडल के तारेगना में 3.48 मिनट तक पूर्ण सूर्यग्रहण को देखने के लिए देश तथा विदेश के खगोलविदों तथा वैज्ञानिकों समेत करीब 40,000 लोग तारेगना पहुंचे थे।
वहीं गुजरात में भी सूर्यग्रहण को देखने के उत्सकु वैज्ञानिकों, पर्यटकों और स्कूली बच्चों को घने बादल छा जाने की वजह से मायूस होना पड़ा। अहमदाबाद से सूरत पहुंचे 'गुजराज साइंस सिटी' के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "सूरत में सुबह के समय 6.25 बजे से 6.27 के बीच कुछ अंधकार महसूस किया गया लेकिन घने बादल की वजह से पूर्ण सूर्य ग्रहण नहीं दिखा।"
मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भी सूर्यग्रहण देखने सूरत पहुंचने वाले थे, लेकिन पूर्ण सूर्यग्रहण दिखने की संभावना बेहद कम होने की खबर मिलने पर उन्होंने अपना यह प्रस्तावित दौरा रद्द कर दिया।
इसी प्रकार भोपाल के करीब स्थित भीम बैटका में भी सूर्यग्रहण स्पष्ट रूप से नहीं देखा जा सका। मशहूर शिक्षाविद् प्रोफेसर यशपाल ने बताया कि कुछ देर के लिए अंधेरा छा गया था और फिर ऐसा लगा जैसे किसी ने दीया जला दिया हो और रोशनी हो गई।
सूर्यग्रहण के बाद लोगो ने स्नान किया और पूजा-पाठ करने के बाद दान का दौर शुरू हो गया है। तमाम देवालयों में लोगों की भीड़ जमा है और वे पूजा अर्चना में जुटे हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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