मरने के लिए तैयार हूं : कसाब (लीड-2)
मुंबई, 22 जुलाई (आईएएनएस)। मुंबई हमले के दौरान जीवित पकड़े गए एकमात्र आतंकवादी, अजमल आमिर कसाब ने अपना गुनाह कबूल करने और हमले से जुड़ी घटनाओं का नाटकीय अंदाज में बयान करने के दो दिनों बाद बुधवार को कहा कि वह फांसी को गले लगाने के लिए तैयार है। पिछले साल नवंबर में हुए इस हमले में 170 से ज्यादा लोग मारे गए थे।
विशेष न्यायाधीश एम.एल.ताहिलयानी की अदालत में कसाब द्वारा शुरू किए गए बयान का यह तीसरा दिन था, जब उसने अपने गुनाहों के लिए फांसी पर लटकाए जाने की अपील की।
कसाब ने अदालत से उर्दू में कहा, "मैंने जो कुछ किया है, इस दुनिया में किया है। इसलिए यह दुनिया ही मुझे सजा देगी। मुझे खुदा की सजा नहीं चाहिए। अगर किसी के दिमाग में यह सवाल आया है कि मैंने फांसी से बचने के लिए बयान दिया है, तो वैसा नहीं है। मुझे बेशक फांसी की सजा दे दो।"
कसाब ने यह शब्दश: अनुरोध उस समय किया, जब विशेष लोक अभियोजक उज्जवल निकम उसके इकबालिया बयान पर अपनी दलील दे रहे थे। निकम ने इसे एक नाटक करार दिया।
निकम ने दलील दी कि कसाब ने मुंबई पर हुए हमलों की पूरी साजिश से पर्दा नहीं उठाया है। वह पाकिस्तान स्थित अपने आकाओं को बचाने की कोशिश कर रहा है।
निकम ने कहा कि अन्य साजिशकर्ताओं के नाम गिनाकर वह यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि वह 26 नवंबर के मुंबई आंतकी हमलों के मास्टरमाइंड के हाथों की कठपुतली भर है।
निकम ने कहा कि उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि वह बचाव पक्ष के वकील एस.जी. अब्बास काजमी से पूछे कि क्या कसाब को अपने इकबालिया बयान के नतीजों की जानकारी है या नहीं।
निकम ने संवाददाताओं को बताया कि काजमी ने दलील दी है कि कसाब को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। लेकिन ताहिलयानी द्वारा इस बारे में पूछे जाने पर कसाब ने इससे साफ इंकार किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications