सिद्धू मामले में बीच का रास्ता निकालने में जुटी भाजपा
राजनाथ सिंह ने सिद्धू की नाराजगी को देखते हुए पार्टी के पंजाब मामलों के केंद्रीय प्रभारी बलबीर पुंज, प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र भंडारी, प्रदेश के संगठन महामंत्री मनोहर लाल और विधानसभा में पार्टी के नेता मनोरंजन कालिया को इस मामले को आपस में मिल बैठकर जल्द से जल्द सुलझाने के आदेश दिए हैं।
लोकसभा में पार्टी की उपनेता सुषमा स्वराज ने कहा, "राजनाथजी ने इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने के आदेश दिए हैं।" सिद्धू को मनाने के लिए इससे पहले राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली को मोर्चे पर लगाया गया था लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो सके थे।
सिद्धू का मानना है कि छिना ने उन्हें लोकसभा चुनाव में हराने की भरपूर कोशिश की थी। ऐसे में बगैर उनकी सहमति के छिना को एक प्रमुख ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाया जाना उचित नहीं है। जबकि पार्टी की राज्य इकाई सिद्धू के इस दावे से सहमत नहीं है कि छिना ने लोकसभा चुनाव में उन्हें हराने की कोशिश की थी।
सूत्रों के मुताबिक सिद्धू ने लोकसभा अध्यक्ष को संबोधित करते हुए पिछले दिनों लोकसभा में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी को अपना इस्तीफा भेजा था। हालांकि उनके इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया गया। पार्टी अब इस मामले में बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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