हरियाणा में पंचायत के खिलाफ 'बहिष्कृत' परिवार अदालत शरण में
रविंदर के परिवार के वकील रविंदर सिंह मलिक ने आईएएनएस से कहा, "हमने उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर गहलोत परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने और आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।"
मलिक ने कहा, "यह पूरी तरह पुलिस की शिथिलता का मामला है। तीन प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद भी इस सिलसिले अब तक एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।"
गहलोत परिवार का पुश्तैनी घर हरियाणा के झज्जर जिले के ढराना गांव में है लेकिन मंगलवार को खाप पंचायत के सदस्यों के दबाव के बाद वे लोग अपना पुश्तैनी छोड़कर जाने को मजबूर हो गए।
गांव में भारी संख्या में पुलिस की तैनाती और प्रशासन के आश्वासन के बाद भी खाप सदस्यों के दबाव में गहलोत परिवार घर छोड़ने को मजबूर हुआ।
रविंदर गहलोत के चाचा नरेंदर सिंह ने आईएएनएस से कहा, "सभी जानते हैं कि दोषी कौन है लेकिन वे गांव में खुलेआम घूम रहे हैं।"
रविंदर ने कादियान गोत्र की 20 वर्षीय लड़की से चार माह पूर्व शादी की थी। पंचायत ने उसके परिवार को रविवार सुबह तक गांव छोड़ने के लिए कहा था।
खाप पंचायत का कहना है वर्षो की परंपरा के अुनसार गहलोत और कादियान में भाई का रिश्ता है इसीलिए दोनों गोत्रों के लड़के-लड़कियों की आपस में शादी वर्जित है।
झज्जर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सौरभ सिंह ने आईएएनएस से कहा, "हम स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अपनी ओर से भरपूर कोशिश कर रहे हैं। पुलिसकर्मी गांव में दिन-रात ड्यूटी पर तैनात हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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