अफगानिस्तान मसले पर भारत से सहयोग चाहता है रूस
फुकेट (थाईलैंड), 22 जुलाई (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा से बुधवार को रूसी विदेश मंत्री सग्रेइ लेवरोव की मुलाकात के दौरान रूस ने तालिबान और उसके अन्य सहयोगी इस्लामी आतंकवादियों के बढ़ते क्षेत्रीय खतरे से निपटने के लिए भारत से रक्षा सहयोग मांगा है।
दोनों मंत्रियों ने अपनी मुलाकात के दौरान आतंकवाद विरोधी सहयोग बढ़ाने के साथ ही असैन्य परमाणु ऊर्जा, रक्षा और व्यापार जैसे द्विपक्षीय क्षेत्रों पर चर्चा की।
थाईलैंड में आसियान (दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन) के क्षेत्रीय फोरम के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन में हिस्सा लेने आए कृष्णा की लेवरोव से यह पहली मुलाकात थी।
अमेरिका की तरह रूस भी भारत को अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता लाने में एक मूल्यवान साझेदार के रूप में देखता है, जो दोनों पक्षों का विश्वसनीय सहयोगी है। भारत ने अफगानिस्तान में पहले ही 1.2 अरब डॉलर लागत की विभिन्न पुनर्निर्माण परियोजनाओं का वादा किया है।
पिछले कुछ महीनों से रूस अफगानिस्तान के मामले में सक्रिय हुआ है। ताजिकिस्तान सीमा पर 16 जुलाई को एक सैन्य जांच चौकी पर पांच आतंकवादियों के मारे जाने के बाद से इसमें विशेष तेजी आई है।
इस घटना ने मध्य एशिया में एक इस्लामी आतंकवादी तंत्र का भय पैदा कर दिया है, जिससे रूस के हितों को खतरा है।
तालिबान और उसके सहयोगी संगठनों के दमन के कारण आतंकवादियों के भागने की घटनाओं में हो रही वृद्धि को देखते हुए पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई, रूस के राष्ट्रपति दमित्रि मेदवेदेव और ताजिक राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन 28 जुलाई को दुशाम्बे में मुलाकात करेंगे और आतंकवाद के दमन तथा व्यापार वृद्धि के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की योजना पर चर्चा करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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