सुरक्षा को लेकर मुलायम-लालू ने दी सरकार को चेतावनी (लीड-1)
लोकसभा में शून्य काल के दौरान सपा के शैलेंद्र कुमार ने यह मामला उठाया। उन्होंने कहा, "ऐसी खबरें आई हैं कि सरकार 200 अतिविशिष्ट व्यक्तियों को मिली सुरक्षा में कटौती करने जा रही है। यदि ऐसा हे तो यह बहुत गंभीर है। मुलायम सिंह यादव और लालू यादव दोनों ही पूर्व मुख्यमंत्री हैं। दोनों पर कई बार जानलेवा हमले भी हो चुके हैं। इसलिए इनकी सुरक्षा घटाए जाने की बजाए बढ़ाई जानी चाहिए।"
इसके बाद मुलायम ने प्रस्तावित बदलाव पर विरोध जताते हुए कहा, "1993 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद मुझे सुरक्षा मुहैया करवाई गई थी। मैंने स्वयं कभी सुरक्षा की मांग नहीं की। यहां तक कि मेरे ऊपर मुंबई और हैदराबाद में हमले भी हुए।"
उन्होंने कहा, "मेरी जान को खतरा है। लालू प्रसाद की जान को खतरा है और कोई हमला होता है तो इसके लिए गृह मंत्रीजी आप जिम्मेदार होंगे।"
लालू ने कहा, "यदि कुछ होता है तो आप (चिदंबरम) जिम्मेदार होंगे। हमें हतोत्साहित करने के लिए ऐसा किया जा रहा है।"
उल्लेखनीय है कि गृह मंत्रालय अति विशिष्ट लोगों को दी गई सुरक्षा की समीक्षा कर रहा है। इसमें उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती, बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता मुरली मनोहर जोशी जैसे नेताओं की सुरक्षा के स्तर में कमी करने का सुझाव दिया गया है। इन लोगों की सुरक्षा में वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के जवान तैनात हैं।
सपा और राजद के सदस्यों ने इस बारे में गृह मंत्री से जवाब मांगा लेकिन उन्होंने कोई उत्तर नहीं दिया। सदन की अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा कि यह मामला शून्य काल में उठाया गया है और इसका जवाब देने के लिए मंत्री बाध्य नहीं हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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