एंटनी ने भारत-अमेरिका सैन्य समझौते को सही ठहराया
एंटनी ने यहां संवाददाताओं को बताया, "इस समझौते पर तीन साल के कठिन मोल-भाव के बाद हस्ताक्षर किए गए। इसके लिए सभी मसलों को हल किया गया। हमने इस बारे में कुछ भी नहीं छुपाया है।"
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस समझौते पर मंगलवार को लोकसभा से बहिर्गमन किया था। विपक्ष ने इसे दखलंदाजी करने वाला करार देते हुए कहा था कि संसद को भरोसे में लिए बगैर इस पर हस्ताक्षर नहीं होने चाहिए थे।
अंतिम उपयोगकर्ता निगरानी करार (
एंड यूजर वेरीफिकेशन) पर सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन की भारत यात्रा के दौरान हस्ताक्षर हुए थे। इससे भारत में अमेरिकी सैन्य साजो सामान की बिक्री में तेजी आने की संभावना है।
एंटनी ने कहा कि स्वदेशी तकनीक से निर्मित परमाणु क्षमता से युक्त देश की पहली पनडुब्बी का आगामी 26 जुलाई को जलावतरण किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर परंपरागत नारियल फोड़कर उसका शुभारंभ करेंगी। उसके बाद पनडुब्बी के कई परीक्षण होंगे और करीब तीन साल बाद इस पनडुब्बी को नौसेना में शामिल किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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