भीम बेटका में सूर्यग्रहण के दौरान अंधेरे ने लोगों को रोमांचित किया
भीम बेटका में सूर्यग्रहण का अद्भुत नजारा दिखने की उम्मीद थी, क्योंकि यहां से भू-मध्य रेखा गुजरती है। इसीलिए देश के विभिन्न हिस्सों से स्कूली बच्चे, शिक्षक और वैज्ञानिक यहां पहुंचे थे। विज्ञान केंद्र ने सूर्यग्रहण की हर गतिविधि को स्पष्ट तौर पर दिखाने के लिए विशेष इंतजाम किए थे। टेलीस्कोप, सोलर फिल्टर और डिजिटल कैमरे भी लगाए गए थे।
भीम बेटका में सुबह पांच बजे से ही मेले जैसा नजारा था। यहां एक हजार से ज्यादा लोग सूर्यग्रहण देखने पहुंचे थे। लेकिन इस इलाके में आसमान पर सुबह से ही बादल छाए हुए थे और हल्की फुहारें भी पड़ रही थी। यहां पहुंचे लोगों को तब मायूसी हाथ लगी, जब बादलों ने सूर्यग्रहण दर्शन पर ही ग्रहण लगा दिया। फिर भी यहां कुछ देर के लिए गहराए अंधेरे ने हर किसी को रोमांचित कर दिया।
विज्ञान केंद्र के सलाहकार अरुण भार्गव ने आईएएनएस को बताया कि भीम बेटका में रोशनी के बीच धीरे-धीरे अंधेरा गहराने लगा और एक वक्त ऐसा आया, जब वहां मौजूद लोग एक-दूसरे को देख पाने में असमर्थ हो गए। यह स्थिति वहां मौजूद हर किसी को रोमांचित कर देने वाली थी। यह अंधेरा कुछ देर में ही छंट भी गया और लोगों को फिर से सुबह होने का अहसास होने लगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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