सत्ता में भागीदारी और तमिलों के पुनर्वास के प्रयास जारी : श्रीलंका
मनीष चांद
फुकेट (थाईलैंड), 22 जुलाई (आईएएनएस)। तमिल विद्रोहियों और सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष के दौरान विस्थापित हुए 300,000 से ज्यादा तमिलों के पुनर्वास में जुटी श्रीलंका सरकार ने भारत को भरोसा दिलाया है कि तमिल अल्पसंख्यकों को जल्द से जल्द सत्ता में भागीदारी देने का प्रयास किया जाएगा।
विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा ने भारत-आसियान बैठक के दौरान बुधवार को श्रीलंकाई विदेश मंत्री रोहिता बोगलागामा से करीब आधे घंटे तक मुलाकात की। बातचीत में 30 शरणार्थी शिविरों में रह रहे तमिलों के पुनर्वास के मसले पर मुख्य रूप से चर्चा हुई।
बातचीत के बाद बोगलागामा ने भारतीय पत्रकारों को बताया, "सत्ता की भागीदारी संविधान का हिस्सा है और उसका क्रियान्वयन प्रक्रिया का अंग है। हमने महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है।"
बोगलागामा ने कृष्णा को तमिलों के पुनर्वास और सत्ता की भागीदारी के लिए राजनयिक सर्वसम्मति बनाने की प्रक्रिया की दिशा में अपनी सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी दी।
कृष्णा ने कहा कि श्रीलंका सरकार से 300,000 तमिलों के पुनर्वास को तत्काल प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा, "श्रीलंका ने हमें भरोसा दिलाया है कि 180 दिन के भीतर वह ज्यादा तमिलों का पुनर्वास कर देगी।" भारत ने तमिलों के पुनर्वास में श्रीलंका सरकार को सहायता देने की पेशकश की है।
इससे पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन के शिखर सम्मेलन के दौरान श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे से भेंट की थी। कृष्णा तीन दिन की फुकेट यात्रा पर हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications