कृपया मुझे फांसी पर लटका दीजिए : कसाब
पिछले साल नवंबर में हुए इन हमलों में 170 से ज्यादा लोग मारे गए थे। कसाब ने यह अनुरोध उस समय किया जब विशेष लोक अभियोजक उज्जवल निकम उसके इकबालिया बयान पर अपनी दलील दे रहे थे।
निगम ने दलील दी कि कसाब ने मुंबई पर हुए हमलों की पूरी साजिश से पर्दा नहीं उठाया है। अन्य साजिशकर्ताओं के नाम गिनाकर वह यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि वह 26 नवंबर के मुंबई आंतकी हमलों के मास्टरमाइंड के हाथों की कठपुतली भर है।
विशेष न्यायाधीश एम. एल. ताहिलयानी के प्रश्न पर कसाब ने कहा कि उसने गुनाह धरती पर किया है और उसे सजा भी धरती के लोगों के हाथों ही मिलनी चाहिए।
कसाब ने कहा, "मैं खुदा के हाथों सजा नहीं पाना चाहता। कृपया मेरे गुनाहों के लिए मुझे फांसी दे दीजिए।"
निकम ने कहा कि उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि वह बचाव पक्ष के वकील एस.जी. अब्बास काजमी से पूछे कि क्या कसाब को अपने इकबालिया बयान के नतीजों की जानकारी है या नहीं।
निकम ने संवाददाताओं को बताया कि काजमी ने दलील दी कि कसाब को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। लेकिन ताहिलयानी द्वारा इस बारे में पूछे जाने पर कसाब ने इससे साफ इंकार किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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