जापान का उत्तर कोरिया के खिलाफ कड़े कदम उठाने का आह्वान
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार जापानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता काजुओ कोडामा ने कहा,"हमें यह स्पष्ट करना चाहिए कि उत्तर कोरिया की ओर से किया जा रहा मौजूदा परमाणुकरण और बैलेस्टिक मिसाइल का विकास कभी बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।"
जापान के विदेश मंत्री हिरोफूमी नाकासोने ने सुरक्षा फोरम की अध्यक्षता कर रहे थाईलैंड के विदेश मंत्री कासित पिरोमाया से बुधवार को मुलाकात करके परमाणु हथियार बनाने की दिशा में उत्तर कोरिया के कदम बढ़ाने पर उसके खिलाफ स्पष्ट कड़े कदम उठाने का दबाव डाला।
उत्तर कोरिया आसियान क्षेत्रीय मंच (एआरएफ) अकेला ऐसा सदस्य देश है जिसने बैठक में अपना विदेश मंत्री नहीं भेजा है। इसके बजाय उसने एक राजदूत को गुरुवार को होने वाले सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नियुक्त किया है।
उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार कार्यक्रम को समाप्त करने के लिए जापान के साथ छह देशीय वार्ता में शामिल अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने निचले स्तर के उत्तर कोरियाई प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करने से इंकार कर दिया।
आशा है कि एआरएफ उत्तर कोरिया पर हाल ही में संयुक्त राष्ट्र द्वारा लगाए कड़े प्रतिबंधों और संदिग्ध जहाजों की तलाशी के प्रस्ताव का समर्थन करेगा। उत्तर कोरिया से छह देशीय वार्ता में वापस लौटने का आग्रह करने की भी संभावना है।
म्यांमार से उत्तर कोरिया के साथ सैन्य सहयोग पर रोक लगाने वाले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का पालन करने को कहा गया है।
कोडामा ने कहा कि आशा है कि म्यांमार हाल में स्वीकृत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1874 का पूरी तरह पालन करेगा।
उल्लेखनीय है कि हिलेरी ने मंगलवार को उत्तर कोरिया-म्यांमार के नजदीकी सैन्य सहयोग पर संदेह जताया था। परंतु इस बारे में कोई पुष्ट प्रमाण नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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